Wednesday, May 6, 2020

नशीली वस्तुओं के सेवन से आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक हानि

नशे का सेवन करना मनुष्य के लिए हानिकारक है। जैसा कि हम जानते हैं कि मनुष्य जीवन 8400000 योनियों में एक बार ही प्राप्त होता है। और हम इस अनमोल मनुष्य जीवन के महत्व को समझे बिना ही विभिन्न प्रकार की नशीली वस्तुओं के सेवन से बर्बाद कर रहे हैं। 

अगर हम आध्यात्मिक नजरिए से देखें तो मनुष्य को शराब पीने का बहुत पाप लगता है। यह मनुष्य जीवन हाथ से निकल जाने के बाद भविष्य में हमें कई बार कुत्ते के जीवन भोगने पड़ते हैं। अब हमारे लिए यह जानना अति आवश्यक है कि हम इस चंद छोटे शौक की वजह से इस अनमोल मनुष्य जीवन के साथ-साथ हमारे आने वाले जीवन भी बर्बाद कर रहे हैं।




 शराब हमारे सामाजिक जीवन पर भी बहुत बुरा असर डालती है। इससे हमारी आर्थिक स्थिति खराब होती है। तथा शराब एक खुशहाल परिवार को पूर्णतया बरबाद कर देती है। शराब के पीने से व्यक्ति का नैतिक पतन होता है। और समाज में उसको गलत नजर से देखा जाता है। और शराब के सेवन से परिवार में बच्चों पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। उनका मानसिक और शारीरिक विकास नहीं हो पाता है



नशा मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा असर डालता है। नशे की वजह से मनुष्य के चार महत्वपूर्ण अंग ह्रदय, लीवर, गुर्दे और फेफड़े पूर्णतया खराब हो जाते हैं। और शराब की एक मुख्य विशेषता है यह सर्वप्रथम इन्हीं चारों अंगों को खराब करती है।


 हम अपने अनमोल मनुष्य जीवन को जो हमें सिर्फ भक्ति करने के लिए ही मिला है। उसे शराब जैसे गलत व्यसनों में बर्बाद कर रहे हैं। अब समय है हमें समझना चाहिए और अनमोल मनुष्य जीवन का पूरा लाभ उठाना चाहिए। आर्थात मनुष्य जीवन जो हमें सिर्फ भक्ति करने के लिए ही भगवान ने दिया है तो इसका यही प्रयोग किया जाना उचित है....!! 

भक्ति की सही विधि और पूर्ण परमात्मा की वह असली ताकत जो हमें शराब जैसे व्यसनों से पूर्णतया छुटकारा दिला सकती है..!!!

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